“सती की अग्नि: जब अहंकार प्रेम को जला देता है… और प्रेम मुक्ति बन जाता है”

हमारी प्राचीन परंपरा में कुछ कहानियाँ ऐसी हैं,जो हमें सिर्फ कुछ सिखाती नहीं—बल्कि हिला देती हैं, जगा देती हैं। यह भी ऐसी ही एक कहानी है। प्रेम और अहंकार की…

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“अहंकार की आग, समर्पण की राख: जब दक्ष ने अपमानित किया भगवान शिव को”

कभी-कभी सबसे बड़े भक्त भी अभिमान के शिकार कैसे हो जाते हैं? क्यों अहंकार अक्सर धर्म और मर्यादा का मुखौटा पहन लेता है? और कैसे दिव्य सत्य, परंपराओं और प्रतिष्ठा…

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