कपिल मुनि की देवहुति को शिक्षाएँ – भाग 3: मोह का अंत, आत्मा की जागृति

"जैसे अग्नि, जो लकड़ी से उत्पन्न होती है, उसी लकड़ी को भस्म कर ऊपर उठती है, वैसे ही शुद्ध आत्मा भी बंधन के भ्रम को जला देती है और शाश्वत…

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ब्रह्मांडीय चेतना का जागरण: क्षेत्रज्ञ का रहस्य और कर्तापन का मोह

आध्यात्मिक ज्ञान के अथाह सागर में कुछ क्षण ऐसे होते हैं जब आत्मा किसी अत्यंत गहन सत्य से स्पंदित हो उठती है — ऐसा सत्य जो माया के कोहरे को…

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पवित्र संवाद: कपिल भगवान की दृष्टि से देवहुति का जागरण

क्या आपने कभी अपने व्यस्त दिन के बीच—जब मोबाइल की सूचनाएँ लगातार बज रही हों, समय सीमाएँ सिर पर हों, और रिश्ते आपकी ऊर्जा को खींच रहे हों—रुककर खुद से…

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कर्दम और देवहूति की पवित्र यात्रा

क्या हो अगर आपकी गहनतम इच्छाएँ आपके भाग्य को आकार दे सकें — और आपका समर्पण स्वयं दिव्यता को जागृत कर सके? कल्पना कीजिए एक ऐसे पुरुष की, जिसने दस…

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