कपिल मुनि की देवहुति को शिक्षाएँ – भाग 3: मोह का अंत, आत्मा की जागृति

"जैसे अग्नि, जो लकड़ी से उत्पन्न होती है, उसी लकड़ी को भस्म कर ऊपर उठती है, वैसे ही शुद्ध आत्मा भी बंधन के भ्रम को जला देती है और शाश्वत…

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ब्रह्मांडीय चेतना का जागरण: क्षेत्रज्ञ का रहस्य और कर्तापन का मोह

आध्यात्मिक ज्ञान के अथाह सागर में कुछ क्षण ऐसे होते हैं जब आत्मा किसी अत्यंत गहन सत्य से स्पंदित हो उठती है — ऐसा सत्य जो माया के कोहरे को…

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