कपिल मुनि की देवहुति को शिक्षाएँ – भाग 3: मोह का अंत, आत्मा की जागृति
"जैसे अग्नि, जो लकड़ी से उत्पन्न होती है, उसी लकड़ी को भस्म कर ऊपर उठती है, वैसे ही शुद्ध आत्मा भी बंधन के भ्रम को जला देती है और शाश्वत…
0 Comments
January 1, 2026
"जैसे अग्नि, जो लकड़ी से उत्पन्न होती है, उसी लकड़ी को भस्म कर ऊपर उठती है, वैसे ही शुद्ध आत्मा भी बंधन के भ्रम को जला देती है और शाश्वत…
“Just as fire, born of wood, consumes its very source and rises upward in radiance, so too, the purified soul burns the illusions of bondage and ascends toward eternal freedom.”–…